बेल पत्रों से करें बाबा की पूजा, भोलेनाथ होंगे प्रसन्न तो पूरी होगी मन्नत
03 Jul 2017
भगवान शिव के पूजन में शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने का खास महत्व है। मान्यता है कि बेलपत्र संग की उपासना से भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मन्नत पूरी करते हैं... शवि बहुत जल्दी पसंद होते: हंिदू शास्त्रों में मान्यता है क िभगवान शवि को बेलपत्र बहुत पसंद हैं। जसिसे शवि पूजन में इसे शामलि करना अनविार्य माना जाता है। कहते हैं इससे भगवान शवि बहुत जल्दी पसंद होते हैं। वह बेलपत्र चढ़ाने वाले भक्तों को मनचाहा वरदारन देते हैं। बेल पत्तयिां खराब न हों: मान्यता है कि बेलपत्र चढ़ाने से शिव जी का मस्तक शीतल रहता है। हालांकि इस दौरान ध्यान रखना चाहएि क िबेलपत्र में तीन पत्तयिां हों। इसके अलावा पत्तयिां खराब न हों। बेलपत्र चढ़ाते समय जल की धारा साथ में जरूर अर्पित करना चाहएि। इन दिनों पत्तियां न तोड़ें: सोमवार, अष्टमी, चतुर्दशी, अमावस्या, पूर्णिमा और संक्रांति को बेलपत्र न तोड़ें। एक दनि पहले तोड़कर रख लें। वहीं बेलपत्र कभी भी खरीदकर लाया गया हो शवि जी पर चढ़ाया जा सकता है। एक बेलपत्र को कई बार धोकर भी चढ़ा सकते हैं। बेलवृक्ष लगे होने पर शवि कृपा: जिन घरों बेलवृक्ष लगा होता हैं वहां भी शवि कृपा बरसती है। बेलवृक्ष को घर के उत्तर-पश्चिम में लगाने से यश कीर्ति की प्राप्त िहोती है। वहीं उत्तर-दक्षिण में लगे होने पर भी सुख-शांति और मध्य में लगे होने से घर में धन औन खुशयिां आती हैं।

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