उत्तर प्रदेश को बनाना है उत्तम प्रदेश : वेंकैया नायडू
25 Jan 2018
लखनऊ, 25 जनवरी (धर्म क्रान्ति। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू बुधवार को लखनऊ में अवध शिल्प ग्राम में उत्तर प्रदेश के प्रथम स्थापना दिवस के साथ लखनऊ महोत्सव का उद्घाटन किया। इस मौके पर राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। उपराष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश राज्य के गठन पर अभिलेख प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। उत्तर प्रदेश दिवस समारोह को नव निर्माण, नवोत्थान, नव कार्य-संस्कृति से जोड़ा गया है। इसके अलावा इस आयोजन के जरिए संकल्प से सिद्धि की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश और सबका साथ-सबका विकास के बिन्दु को प्रमुखता से उठाया गया है।

कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने अपने सम्बोधन में उत्तर प्रदेश के 68वें स्थापना दिवस पर प्रथम ’उत्तर प्रदेश उत्सव’ की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुझे यह जानकर संतोष है कि राज्य सरकार निवेश को आकर्षित करने के लिए नीतिगत तथा व्यवस्थागत बदलाव कर रही है। आपके प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने ’एक जनपद-एक उत्पाद’ की अवधारणा के माध्यम से परंपरागत शिल्प तथा लघु और सूक्ष्म उद्यमियों को विकसित कर इस क्षेत्र में कौशल युक्त रोजगार की नई संभावनाएं पैदा करने का सराहनीय प्रयास किया है।



उप राष्ट्रपति ने कहा कि यह भूमि 1857 के अमर क्रांतिकारी मंगल पांडे और उनके साथियों की वीरता की गवाह है। शहीद राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, महामना मदन मोहन मालवीय, गोविंद वल्लभ पंत, लाल बहादुर शास्त्री, जवाहर लाल नेहरू, आचार्य नरेंद्र देव और पूर्व प्रधानमंत्री अटलजी जैसे महापुरुषों की कर्मभूमि है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का इतिहास समृद्ध और सतत् रहा है। राम और कृष्ण की इस पावन भूमि ने अपने समृद्ध इतिहास में आध्यात्मिक और भौतिक उत्कर्ष देखा है। स्वाधीनता आंदोलन में उत्तर प्रदेश का महान योगदान रहा है। वीर नारी रानी लक्ष्मी बाई जैसे महान विभूतियों का स्मरण करना जरूरी है। उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाना है। उप राष्ट्रपति ने कहा कि आगामी गणतंत्र दिवस पर इन महान विभूतियों के संघर्ष और समर्पण का स्मरण करने और देश की सेवा के संकल्प को पुनःसिद्ध करने का अवसर होगा।



इस मौके पर राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि उत्तर प्रदेश के इतिहास में यह एक स्वर्णिम दिवस है। इसकी मैं आप सभी को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि 24 राज्यों में पहले से ही उनका स्थापना दिवस मनाया जाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश में ऐसा आयोजन नहीं हो रहा था। मैने पिछली सरकार से इस आयोजन को लेकर लिखित में आग्रह किया था। वर्तमान योगी आदित्नाथ सरकार ने मेरी सलाह को ध्यान में रखते हुए 24 जनवरी को उ.प्र. दिवस मनाने का निर्णय लिया, जिसके तहत यह पहला आयोजन हो रहा है। उन्होंने इस दौरान पहले से उत्तर प्रदेश दिवस मनाने को लेकर महाराष्ट्र की ‘अभियान’ संस्था और पत्रकार श्याम कुमार का भी जिक्र किया। नाईक ने कहा कि श्याम कुमार के पहले उत्तर प्रदेश दिवस कार्यक्रम में ही महादेवी वर्मा जैसी कवियत्री का आगमन हुआ था। इसलिए उनका जिक्र जरूरी है।

इस पहले मुख्यमंत्री ने मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का स्वागत कर उन्हें सहारनपुर की काष्ठकला के नमूने बॉक्स, कन्नौज का इत्र व लखनऊ का चिकन और भगवान राम की मूर्ति भी भेंट की। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश दिवस को लेकर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश का परिचय देते हुए ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना का शुभारम्भ, इस योजना की डॉक्यूमेन्ट्री का प्रदर्शन और पुस्तिका का विमोचन व ‘लोगो’ का अनावरण किया। कार्यक्रम में मुद्रा योजना के अन्तर्गत ‘एक जनपद एक उत्पाद के लाभार्थियों को चेक-प्रमाण पत्र वितरण, स्टैण्ड अप यूपी के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र-चेक का वितरण, लखनऊ की योजनाओं का शिलान्यास-लोकार्पण, नई सोलर पॉलिसी का शुभारम्भ, शबरी पोषण एप (गर्भवती महिला/नवजात शिशु के स्वास्थ्य परीक्षण के सम्बन्ध में) को लान्च किया है।

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