अमेरिका अकेले ही उत्तर कोरिया पर कार्रवाई करेगा: ट्रंप

वाशिंगटन, 03 अप्रैल ((धर्म क्रांति)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो टूक कहा है कि यदि उत्तर कोरिया के हथियार कार्यक्रम को नियंत्रित करने में चीन ने मदद नहीं दी तो उनका देश इस मसले पर अकेले आगे बढ़ेगा। सीएनएन के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि यदि इस समस्या को सुलझाने में चीन मदद नहीं करता है तो हम अकेले ही इसे सुलझाएंगे। ट्रंप ने फाइनेंशियल टाइम्स में रविवार को प्रकाशित साक्षात्कार में कहा, चीन, उत्तर कोरिया के मुद्दे पर हमारी मदद करेगा अथवा नहीं। यदि चीन मदद करता है तो यह उसके लिए बहुत अच्छा होगा और यदि नहीं तो यह किसी के लिए भी अच्छा नहीं होगा। ट्रंप प्रशासन ने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम और इससे होने वाले खतरे को लेकर बार-बार चिंता जताई है। अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने भी मार्च में चीन का दौरा किया था। उनकी यात्रा के केंद्र में भी उत्तर कोरिया के हथियार कार्यक्रम से होने वाले खतरे को दूर करना ही था। सीएनएन के मुताबिक, ट्रंप की इस सप्ताह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात होने वाली है। शी के अमेरिका दौरे के दौरान ट्रंप की उनसे उत्तर कोरिया के मुद्दे पर बात हो सकती है। ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव के प्रचार अभियान और पद ग्रहण करने के बाद कहा था कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम में विस्तार के लिए चीन जिम्मेदार है। ट्रंप ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए साक्षात्कार में कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर शी के साथ बात करने की योजना बनाई है। ट्रंप ने बार-बार कहा है कि अमेरिकी व्यापार घाटे को कम करने के लिए वह चीन के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करेगा। ट्रंप ने कहा कि उत्तर कोरिया की परमाणु समस्या के समाधान के लिए यदि शी के साथ बातचीत में उनके मनमुताबिक परिणाम सामने नहीं आए तो अमेरिका अकेले ही कदम उठाएगा।