भारत को नई सोच अपनानी होगी: मोदी

नई दिल्ली, 11 मई (धर्म क्रान्ति)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया में प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नित नए अन्वेषण का हवाला देते हुए कहा कि भारत को भी विश्व के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए नई सोच अपनानी होगी वरना हम इतने पीछे रह जाएंगे कि कोई पूछेगा भी नहीं। प्रधानमंत्री ने उच्चतम न्यायालय के डिजिटलीकरण से संबंधित एक कार्यक्रम में कहा कि दुनिया नयी सोच के साथ आगे बढ रही है और भारत को यदि इस दौड़ में शामिल रहना है तो उसे कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए उसी सोच के साथ आगे बढना होगा। मोदी ने कहा कि भारत में प्रतिभाओं की कमी नहीं है जरूरत है उन्हें सही समय और उपयुक्त स्थान पर इस्तेमाल करने की। उन्होंने देश के कानूनविदों और न्यायविदों से अपील की कि वे नयी प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके न्यायिक व्यवस्था में नई क्रांति तो लाए ही, साथ ही गरीबों की सेवा भी करें। इस अवसर पर उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जे एस केहर, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और शीर्ष अदालत के कई अन्य न्यायाधीश उपस्थित थे।