दूसरों पर अपने विचार थोपने वालों को नजरअंदाज करें: वेंकैया नायडू

नई दिल्ली, 07 जुलाई (धर्म क्रान्ति)। केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने आज कहा कि जो लोग राष्ट्रीय सदाचारों, मूल्यों और संस्कृति के खिलाफ बोलते और दूसरों पर अपने विचार थोपते हैं, उन्हें नजरअंदाज किया जाना चाहिए। नायडू का यह बयान जम्मू कश्मीर के एक मंत्री के उस बयान के दो दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने नेशनल कान्फ्रेंस के एक नेता से कहा था कि वह उन्हें पीट पीटकर मार सकते हैं। नायडू ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक दिवंगत श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बारे में भी बात की। नायडू ने कहा कि मुखर्जी देश की एकता के लिए लड़े और उन्होंने जम्मू कश्मीर को भारत में शामिल करने के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया। उन्होंने कहा, हमें राष्ट्रीय एकीकरण की जरूरत के बारे में उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। हमें उन लोगों को नजरअंदाज करना चाहिए जो शोर करते हैं, राष्ट्रीय सदाचारों, मूल्यों और संस्कृति के खिलाफ बोलते हैं तथा फिर दूसरों पर अपने विचार थोपने की कोशिश करते हैं। वह प्रसार भारती की क्षेत्रीय समाचार इकाई के एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा, भारत एक आजाद देश है और हर किसी को स्वतंत्रता मिली है लेकिन यह संवैधानिक सीमा है और दूसरे लोगों को भाषा, संस्कृति, खानपान की आदतों समेत उनकी आजादी छीनने का कोई अधिकार नहीं है। किसी भी अन्य व्यक्ति को उन पर विचार थोपने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, यह बहुत स्पष्ट है और सरकार की नीति है और कोई भी व्यक्ति दूसरे लोगों को नुकसान पहुंचाकर अपने आप को महान नहीं बता सकता। नायडू ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में जो भी हो रहा है, उससे दूर रहना और उसकी निंदा करनी चाहिए। देश और समाज की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए इसका उल्लेख नहीं करना चाहिए। भाजपा जम्मू कश्मीर में पीडीपी के नेतृत्व वाली सरकार में गठबंधन सहयोगी है। राज्य के मंत्री इमरान अंसारी ने जीएसटी लागू करने पर चर्चा के दौरान विधानसभा में नेशनल कान्फ्रेंस के नेता देवेंद्र राणा से कहा था, मैं तुम्हें यहीं पीट-पीटकर मार सकता हूं। नायडू ने सम्मेलन में कहा कि समाचार प्रसारित करने की प्रक्रिया में क्षेत्रीय भाषाओं और बोलियों पर ज्यादा जोर देना चाहिए।