राजपथ पर आसियान की झांकी, भारतीय जवान लहरायेंगे दस देशों के ध्वज

नई दिल्ली, 25 जनवरी (धर्म क्रान्ति)। आसियान देशों के साथ संबंधों को और प्रगाढ बनाने के प्रयासों के तहत इस बार राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड पूरी तरह आसियानमय नजर आयेगी जिसमें इन मेहमान देशों के ध्वज, झांकी और लोक कार्यक्रमों का दबदबा रहेगा। दिल्ली क्षेत्र में सेना के चीफ ऑफ स्टॉफ मेजर जनरल राजपाल पूनिया ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस बार की परेड कई मायनों में खास है जैसे दस आसियान देशों के राष्ट्राध्यक्ष बतौर खास मेहमान हिस्सा ले रहे हैं जबकि हमेशा किसी एक देश के राष्ट्राध्यक्ष को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनाया जाता है। परेड की शुरूआत में होने वाले फ्लाईपास्ट में भारतीय सेना के साथ-साथ वायु सेना के हेलिकॉप्टर पर आसियान का ध्वज भी लहरायेगा। इसके बाद भारतीय सेना के जवान आसियान के ध्वज के साथ साथ सभी दस मेहमान आसियान देशों ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, मलेशिया, फिलीपीन्स, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम के ध्वज लेकर चलेंगे। उन्होंने कहा कि यदि झांकियों की बात करें तो विदेश मंत्रालय की ओर से आसियान की दो झांकियां निकाली जायेंगी जिनमें आसियान देशों की शिक्षा, व्यापार, संस्कृति और धर्म संबंधी विशेषताओं की झलक देखने को मिलेगी। स्कूली बच्चों के कार्यक्रमों में भी आसियान देशों पर कार्यक्रम मुख्य आकर्षण रहेगा। स्कूली बच्चे आसियान देशों की पोशाक में वहां की धुनों तथा लोक नृत्य पर धूम मचाते नजर आयेंगे। मेजर जनरल पूनिया ने कहा कि दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल असित मिस्त्री परेड कमांडर होंगे और वह स्वयं इसके उप कमांडर होंगे। उन्होंने कहा कि लगभग डेढ घंटे की यह परेड सुबह दस बजे शुरू होगी और इसमें सशस्त्र सेनाओं के 16 मार्चिंग दस्ते,16 मार्चिंग बैंड और देश की विविधता में एकता की झलक पेश करती 23 झांकियां निकाली जायेंगी। साथ ही भारत की सैन्य शक्ति का नमूना पेश करते अत्याधुनिक हथियारों तथा लड़ाकू विमानों की गर्जन भी राजपथ पर सुनाई जायेगी। मेजर जनरल पूनिया ने बताया कि विजय चौक से लाल किले तक की यह परेड शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद वह राजपथ पर सलामी मंच पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का स्वागत करेंगे। राष्ट्रपति के साथ दस मेहमान देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी आयेंगे। राष्ट्रपति 21 तोपों की सलामी लेने के बाद परेड की शुरूआत होगी। शुरू में वायु सेना के एमआई-17 हेलिकॉप्टर फ्लाईपास्ट करेंगे और गुलाब की पंखुड़यिों की बरसात करेंगे। पांच हेलिकॉप्टरों में से एक पर राष्ट्रीय ध्वज, एक पर आसियान का ध्वज तथा तीन पर तीनों सेनाओं के ध्वज होंगे। परेड कमांडर ल़े जनरल असित मिस्त्री द्वारा सलामी मंच को सलामी के साथ परेड की विधिवत शुरूआत होगी। इसके बाद उप कमांडर मेजर जनरल पूनिया तथा उनके पीछे खुली जीप में दो परमवीर चक्र तथा तीन अशोक चक्र विजेता खुली जीप में राजपथ से निकलेंगे। इनके पीछे भारतीय सेना के जवान आसियान तथा दसों आसियान देशों के ध्वज लहराते कदमताल करते नजर आयेंगे। इसके बाद देश की सैन्य ताकत के प्रतीक तीन टी-90 टैंक, दो ब्रह्मोस तथा दो आकाश मिसाइल प्रणाली और भीष्म टैंक राजपथ से गुजरेंगे। वायु सेना के लड़ाकू हेलिकॉप्टर रूद्र पहली बार राजपथ पर गर्जन करते नजर आयेंगे। परेड में सेना का प्रतिनिधित्व 61 केलवरी के घुडसवार, सात मकैनाइज्ड कॉलम, 6 मार्चिंग दस्ते और मार्चिंग बैंड करेंगे। इनमें पंजाब रेजिमेंट, मद्रास रेजिमेंट, मराठा लाइट इन्फेंट्री, डोगरा रेजिमेंट, रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी और लद्दाख स्काउट शामिल हैं। मेजर जनरल पूनिया ने बताया कि सेना के साथ-साथ नौसेना तथा वायु सेना के मार्चिंग दस्ते और झांकियां भी राजपथ पर अपनी धूम मचाती नजर आयेंगी। देश के प्रमुख रक्षा अनुसंधान संगठन डीआरडीओ की झांकी में निर्भय मिसाइल प्रणाली और अश्विनी रडार प्रणाली की ताकत का नमूना पेश किया जायेगा। अर्धसैनिक बलों में लंबे समय के बाद आईटीबीपी का दस्ता भी दिखाई देगा। वैसे परेड का आकर्षण सीमा सुरक्षा बल की 113 जांबाज कमांडो होंगी जो हैरतअंगेज तथा रोंगटे खड़े कर देने वाले कारनामे करेंगी। इससे पहले ये करतबबाजी डेयर डेविल के नाम से प्रसिद्ध पुरूष कमांडो करते थे लेकिन इस बार ये महिलाएं 350 सीसी की 26 रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकों पर सवार होकर नारी शक्ति तथा अपने साहस और वीरता का परिचय देंगी। इस दौरान ये एरोबेटिक्स तथा कलाबाजी का भी प्रदर्शन करेंगी। दिल्ली पुलिस का मार्चिंग दस्ता तथा बैंड भी राजपथ पर अपने कौशल का परिचय देंगे। इनके बाद राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेटों के दस्ते राजपथ पर अनुशासन का आदर्श प्रस्तुत करते हुए कदमताल करते नजर आयेंगे। इनके पीछे ऑल इंडिया रेडियो, विदेश मंत्रालय द्वारा बनायी गयी आसियान की झांकी, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, त्रिपुरा, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ, केरल, असम, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, गुजरात की झांकी अपने अपने राज्यों की मनोहारी छटा प्रस्तुत करेंगी। इसके साथ ही आईटीबीपी, आदिवासी मामलों, युवा तथा खेले मामलों, आईसीएआर, आयकर विभाग तथा केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग की झांकी भी परेड में दिखाई जायेंगी। झाकियों के बाद राष्ट्रीय वीरता पुरस्कारों से सम्मानित बहादुर बच्चे खुली जीप में दर्शकों का अभिवादन करते हुए राजपथ से गुजरेंगे। इनके पीछे स्कूली बच्चे अपनी रंगारंग लोक नृत्य प्रस्तुति से राजपथ पर धूम मचाते नजर आयेंगे। ये बच्चे आसियान देशों की पोशाकों में वहां के नृत्य भी पेश करेंगे। परेड के समापन से पहले वायु सेना के लड़ाकू विमान अपने हैरतअंगेज करतब दिखायेंगे। मालवाहक विमान तथा हेलिकॉप्टर भी फ्लाईपास्ट में अपनी ताकत का नमूना पेश करेंगे। परेड के समापन पर राजपथ का आकाश शांति के प्रतीक रंग बिरंगे गुब्बारों से पट जायेगा।