आतंक से डराने वालों से मुकाबला करने की जरूरत : शाह अब्दुल्ला

नई दिल्ली, 03 मार्च (धर्म क्रान्ति)। जार्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन ने कहा कि धर्म सभी से प्रेम करना सिखाता है और आज ऐसे तत्वों से मुकाबला करने की जरूरत है जो दुनिया को बम और आतंक से डराने का प्रयास कर रहे हैं और इसके लिये धर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। शाह ने कहा कि कट्टरपंथ चिंता का विषय है, जबकि मानवता और इंसानियत ही दुनिया की बुनियाद है। जार्डन के शाह ने कहा, ‘‘हम सभी का भविष्य साझा है। आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, ये लड़ाई मानवता को मानने वाले उदारवादियों और कट्टरपंथ की सोच के बीच है। ऐसी कट्टरपंथी सोच के लोग घृणा और हिंसा फैलाने का काम करते हैं और ऐसी आवाज को दबाने की जरूरत है।’’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में इस्लामी धरोहर विषय पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए शाह अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन ने कहा कि युवा लोगों में उदारवाद और सच्चे मूल्यों की भावना विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिये है क्योंकि दुनिया में ऐसे तत्व हैं जो संघर्ष को बढ़ावा देते हैं और अपराध एवं आतंक को उचित ठहराते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें शांतिपूर्ण सहअस्तित्व की भावना के अनुरुप दुनिया को विकसित करना होगा। हम पूरी दुनिया में शांति और सौहार्द को बढ़ावा देने के पक्षधर हैं और सभी धर्मो के मानने वाले लोगों के बीच भाईचारे को बढ़ावा देना हमारी साझा जिम्मेदारी है।’’ शाह अब्दुल्ला ने कहा कि दया और करूणा का पैगम्बर मोहम्मद का संदेश दुनिया में करोड़ों लोगों के लिये मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता बेहतर भविष्य को सुरक्षित रखना है। जॉर्डन में मुस्लिमों और ईसाइयों के लिए ऐसी कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही पड़ोसी देशों के शरणार्थियों के लिए भी सद्भाव वाला माहौल तैयार करने का काम किया जा रहा है।