मुख्यमंत्री ने दिए सदन में लिखित जवाब, भारिया जनजाति को मिल रहे हैं लाभ

भोपाल, 03 मार्च (धर्म क्रान्ति)। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन जहां वित्तमंत्री जयंत मलैया ने चुनावी बजट पेश किया वहीं सदस्यों द्वारा लगाए गए विभाग संबंधी सवालों के लिखत जवाब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिए। अनुसूचित जाति कल्याण से संबंधित सवाल पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने लिखित तौर पर बताया कि विगत तीन वर्षों में जिला आगर में 192 ट्रांसफार्मर लगाए जाकर 206 कृषकों को तथा जिला शाजापुर में 124 ट्रांसफार्मर लगाए जाकर 224 कृषकों को लाभान्वित कर सिंचाई हेतु विद्युत की उपलब्धता कराई गयी है। इस संबंध में विधायक मुरलीधर पाटीदार ने विधानसभा में सवाल लगाया था। इसी प्रकार विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को ने अनूपपुर जिले को अनुसूचित जाति/जनजाति क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत आवंटन संबंधी सवाल किया था, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अपने लिखत जवाब में सदन को बताया कि जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के पत्रक ‘अ’ अनुसार है। ठीक इसी प्रकार जनजातीय कार्य संबंधी विधायक शैलेन्द्र पटेल के सवाल पर मुख्यमंत्री चौहान ने लिखत जवाब में सदन को बताया कि जानकारी पुस्तकालय में उपलब्ध है। वहीं विधायक सोहनलाल बाल्मीक ने छिन्दवाड़ा जिले के विकासखण्डों में निवासरत भारिया जनजाति के लोगों से संबंधित सवाल किए थे, जिसके लिखित जवाब में मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि छिन्दवाड़ा जिले के तामिया विकासखण्ड में चिन्हित क्षेत्र में निवासरत भारिया जनजाति को ही विशेष पिछड़ी जनजाति की मान्यता प्राप्त है। इन्हें नौकरियों में सीधी भर्ती एवं भारत सरकार की विशेष पिछड़ी जनजाति की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री चौहान ने सदन को बताया कि तामिया क्षेत्र से बाहर रिवासरत परासिया विकासखण्ड के भारिया जनजाति को भी राज्य सरकार द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों को कुपोषण से मुक्ति हेतु रुपये एक हजार प्रतिमाह महिला मुखिया को दिये जाने वाली योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त चिन्हित क्षेत्रों से बाहर रहने वाले भारिया जनजाति के लोगों को शासकीय नौकरियों में भर्ती बावत् लाभ देय नहीं है। इन सवालों के अतिरिक्त जनजातीय कार्य से ही संबंधित विधायक कालुसिंह ठाकुर, विधायक नारायण त्रिपाठी, विधायक प्रदीप लारिया एवं विधायक सुशील कुमार तिवारी के सवालों के भी लिखित जवाब मुख्यमंत्री चौहान ने सदन को दिए।