जानिये सावन सोमवार व्रत के लिये खास तारीखें
05 Jul 2017
भगवान भोलेनाथ की आराधना के लिये सबसे उत्तम माह सावन का महीना माना जाता है। पुराणों के अनुसार भोलेनाथ को सावन का महीना तो प्रिय है ही साथ ही सोमवार का दिन भी बहुत प्रिय माना गया है। श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को शिवजी के व्रत किये जाते हैं। श्रावण मास में शिवजी की पूजा का सोमवार को विशेष विधान हैं। इस दिन भक्त व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा-आराधना करते हैं। अधिकांश व्यक्ति केवल श्रावण मास में पड़ने वाले सोमवार का ही व्रत करते हैं। श्रावण मास के सोमवारों में शिवजी के व्रतों, पूजा और शिवजी की आरती का विशेष महत्व है। इस बार सावन के महीने में 05 सोमवार आ रहे हैं। सावन का पूरा महीना ही जहां अराधना के लिये विशेष है तो वहीं 05 दिन सावन सोमवार के भी भक्तों के लिये व्रत रखने को मिलेंगे। प्रथम सावन सोमवार 10 जुलाई को, दूसरा 17 जुलाई को, तीसरा 24 जुलाई, चौथा सोमवार 31 जुलाई और 07 अगस्त को 5वां सोमवार होगा। इस दिन भाई बहन के पवित्र बंधन का त्यौहार रक्षाबंधन भी मनेगा। ऐसे रखें व्रत श्रावण सोमवार एक ऐसा व्रत है जिसे हर कोई रख सकता है। यह व्रत सूर्योदय से प्रारंभ कर शाम तक चलता है। इस व्रत के लिये सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प धारण करें। इसके बाद विधि-विधान से यथायोग्य भगवान शिव की पूजा करें। उनकी स्तुति श्रवण करें। सोमवार व्रत की कथा सुनें। फिर शाम को फलाहार या फिर एक बार भोजन ग्रहण करें। कोशिश करें कि भोजन सूर्यास्त के बाद ही ग्रहण करें। इसके साथ ही शिव मंत्र का जाप करें। मिलते हैं ये फल श्रावण मास में सोमवार के व्रत का विशेष महात्यम है। पुराणों के अनुसार सोमवार के व्रत तीन प्रकार के बताये गये हैं। पहला तो है की सिर्फ सावन में जितने भी सोमवार पड़े उन समस्त सोमवार पर व्रत कर उमा-महेश्वर की आराधना करें। दूसरा सोलह सोमवार का संकल्प लेकर सावन के सोमवार से प्रारंभ कर सोलह सोमवार व्रत करना चाहिये। तथा तीसरा है सोम प्रदोष, प्रदोष तिथि मास में दो बार आनेवाली तिथि है जो भगवान् शिव को अतिप्रिय है।


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