05 Mar 2018
यूं तो हर मुहल्ले और शहर में मंदिर मिल जाएंगे। लेकिन कुछ मंदिर ऐसे हैं जो किसी खास बात को लेकर बहुत प्रसिद्ध हो जाते हैं। ऐसे ही कुछ मंदिर हैं जो प्रेमियों का मिलन करवाने के लिए बहुत प्रसिद्ध हो चुके हैं। इन मंदिरों के विषय में माना जाता है कि यहां

03 Mar 2018
सत्यकाम ब्रह्म के सत्य के बारे में जानना चाहते थे। इसलिए मां जाबाल की आज्ञा लेकर वे गौतम ऋषि के आश्रम चले गए। ऋषि ने आश्रम की चार सौ दुर्बल गायों को सत्यकाम को सौंपते हुए कहा, ‘वत्स! इन गायों को लेकर पास के वन में चले जाओ। स्वस्थ होने के साथ-साथ जब

20 Jan 2018
साधक शांत मुद्रा में आंख बंद करके बैठ जाए और ईश्वर के दिव्य प्रकाश का स्मरण करे तो उसको अनंत अंतरिक्ष में विशाल प्रकाश पुंज दिखाई पड़ेगा। दोनों हाथ ऊपर की ओर उठाकर मन को नियंत्रित करके उस दिव्य आलोक में प्रवेश करने का प्रयास करें। भागते हुए मन को उस

16 Jan 2018
सत्कर्मों का रूप देते हैं, उन्हीं को चरित्रवान कहा जा सकता है। संयत इच्छाशक्ति से प्रेरित सदाचार का नाम ही चरित्र है। चरित्र मानव जीवन की स्थायी निधि है। जीवन में सफलता का आधार मनुष्य का चरित्र ही है। चरित्र मानव जीवन की स्थायी निधि है। सेवा, दया,

02 Dec 2017
-अध्यात्म ओशो- जिन्होंने जीवन की आंतरिक प्रक्रिया को देखा है वे गहराई के साथ कहते हैं कि प्रत्येक बार श्वास लेने के साथ तुम जन्मते हो और प्रत्येक श्वास छोड़ने के साथ तुम मरते हो। प्रत्येक क्षण जन्म लेते हो... कुछ मिनटों के लिए मौन, अंधेरा और विश्रांत

31 Oct 2017
-आनंदमूर्ति गुरुमां- जीवन थोड़ा है, इस बात का एहसास तो सिर्फ किसी साधक को ही हो सकता है, और किसी को नहीं। साधक जानता है कि देहभाव से ऊपर उठ कर आत्मभाव की मंजिल तक पहुंचने के लिए एक जन्म बहुत थोड़ा है। कोई जितना मर्जी पढ़-सुन ले, पर उस ज्ञान को अपने जीव

23 Oct 2017
संसार के सभी प्राणी सुख और शांति की कामना करते हैं। समृद्धि की कामना करते हैं, लेकिन आज का मानव आधुनिक जीवनयापन, भोग-लिप्सा और भौतिकवाद के नीचे दबकर दुख की अनुभूति कर रहा है। व्यक्ति अनंत सुख का स्वामी होकर भी दुख और तनाव के महासागर में डूबता जा रहा

18 Oct 2017
दिवाली का त्योहार हर कोई पूरे जोश और उत्साह से मनाता है। घरों की सफाई के बाद नए कपड़ों की खरीदारी, गहने पहनकर हर कोई मां लक्ष्मी की पूजा करता है। मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी धरती पर भ्रमण के लिए निकलती हैं।हर कोई मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के

09 Oct 2017
दिवाली से पहले धनत्रयोदशी या धनतेरस की पूजा का शास्त्रों में बहुत बड़ा महत्व बताया गया है. प्रदोष काल में किया गया धनतेरस पूजा हमेशा उत्तम फलदायक होता है. कोई भी पूजा तभी सार्थक होती है जब उसी सही मुहूर्त और उचित तरीके से किया जाए. हम आपको धनतेरस पू

09 Oct 2017
-चामुंडा स्वामी- भगवान गणेश के अनेक स्वरूप हैं, जिनमें से एक रूप है विघ्नहर्ता गणेश का। विघ्नहर्ता गणेश के रूप में वे अपने भक्तों और उपासकों के विघ्नों और कष्टों को दूर करते हुए उनकी राह में आने वाली बाधाओं को हटा कर सफलता को सहज बनाते हैं। इसीलिए ज

07 Oct 2017
-आनंदमूर्ति गुरुमां- जीवन थोड़ा है, इस बात का एहसास तो सिर्फ किसी साधक को ही हो सकता है, और किसी को नहीं। साधक जानता है कि देहभाव से ऊपर उठ कर आत्मभाव की मंजिल तक पहुंचने के लिए एक जन्म बहुत थोड़ा है। कोई जितना मर्जी पढ़-सुन ले, पर उस ज्ञान को अपने जीव

03 Oct 2017
तिलहर (शाहजहांपुर)। आचार्य जितेंद्र आर्य ने कहा कि धर्म दिखावे का नहीं बल्कि आचरण का विषय है। जो व्यवहार हमें पसंद नहीं है, उसे हम दूसरों के साथ न करें। यही धर्म की परिभाषा है।
यह बात आर्य समाज बिलहरी के दो दिवसीय वेद प्रचार कार्यक्रम के शुभारं

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