बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर मचे घमासान पर चंपत राय का बयान
24 Jan 2023, 24
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर मचे घमासान पर चंपत राय का बयान

कानपुर।विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष और श्रीराम जन्मदभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चंपत राय रविवार को विश्व हिंदू परिषद कानपुर प्रांत कार्यालय में आयोजित बैठक में पहुंचे।बैठक में चंपत राय ने किसी के मन की बात को जानने वाले बड़ी- बड़ी समस्याओं का हल चुटकियों में करने का दावा करने वाले बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर व कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर मचे बवाल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

वीएचपी नेता चंपत राय ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मामले पर कहा कि धर्म श्रद्धा का विषय है।जिसकी श्रद्धा है वो जाए, जिसकी नहीं है वह न जाए।जिसकी श्रद्धा है आप उसे रोकने की कोशिश करिए, रुक तो रुक गया, नहीं रुका तो नहीं रुका। कुछ ईश्वरीय शक्ति रहती हैं जो कुछ लोगों में जन्म से आ जाती हैं। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि भगवान ने किसी व्यक्ति को जन्मना शक्ति दी है तो उसका आंतरिक गुण इनती ऊंचाईयों पर हैं दूसरे के मन की बात भांप लेती हों,लेकिन ये सब श्रद्धाओं से जुड़े विषय हैं।उन्होंने कहा कि आलोचना करने का हिन्दुस्तान में सबको अधिकार है।अपनी श्रद्धाओं के अनुसार सबको व्यवहार करने का अधिकार है।

चंपत राय राम मंदिर मामले में सवाल खड़े करने वालों के लिए कहा कि कोर्ट,पुलिस और इनकम टैक्स विभाग का दरवाजा खुला है।जिसको शिकायत करना है, वो कर सकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और विश्व हिंदू परिषद के विचार एक है।विश्व हिंदू परिषद मजहबी कट्टरता के विरुद्ध हर मोहल्ले और गांव तक जाकर हिंदुओं को सक्रिय करेगा। चंपत राय ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल पहली बार भारत को देखने निकले हैं।

जानें क्या है धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से जुड़ा विवाद

बता दें कि महाराष्ट्र के नागपुर में बीते दिनों बागेश्वर धाम सरकार के नाम से विख्यात पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्रीराम चरित्र-चर्चा का वाचन किया था। वहां पर अंध श्रद्धा उन्मूलन समिति ने धीरेंद्र शास्त्री पर जादू-टोने और अंध श्रद्धा फैलाने का आरोप लगाया था।

समिति के अध्यक्ष श्याम मानव ने कहा था कि दिव्य दरबार और प्रेत दरबार की आड़ में जादू-टोना को बढ़ावा दिया जा रहा है।अंध श्रद्धा उन्मूलन समिति का कहना है कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को चैलेंज दिया गया था कि आप हम लोगों के बीच दिव्य चमत्कारी दरबार लगाएं और सत्यता बताने पर आपको 30 लाख रुपए भेंट स्वरूप राशि दी जाएगी, लेकिन दावा किया गया है कि अंध श्रद्धा उन्मूलन समिति की वजह से दो दिन पहले ही 11 जनवरी को ही धीरेंद्र शास्त्री ने कथा समाप्त की दी।ऐसा इसलिए क्योंकि समिति ने महाराष्ट्र के अंध श्रद्धा विरोधी कानून के तहत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर एफआईआर दर्ज करने की शिकायत दी थी।

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