विकल्प कारोबार से सोने के व्यापार को संगठित करने में मिलेगी मदद: जेटली
18 Oct 2017
नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (धर्म क्रान्ति)। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज प्रमुख जिंस एक्सचेंज एमसीएक्स में सोने के विकल्प कारोबार का शुभारंभ करते हुए कहा कि इससे पीली धातु का व्यापार संगठित हो सकेगा। यह सोने के संगठित तरीके से कारोबार की दिशा में एक कदम है। विकल्प ऐसा डेरिवेटिव्स हैं जो खरीदार को अधिकार देते हैं, लेकिन उन्हें किसी संपत्ति या उत्पाद को किसी विशेषीकृत मूल्य पर किसी निश्चित तारीख या उससे पहले खरीद या बिक्री की प्रतिबद्धता देने की जरूरत नहीं होती। धनतेरस के शुभ दिन पर विकल्प कारोबार की शुभारंभ करते हुए जेटली ने कहा, यह पीली धातु के कारोबार में एक महत्त्वपूर्ण बदलाव है। इस वायदा का विकल्प मिलने से सभी जोखिमों की हेजिंग हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारतीय सोने की काफी खरीद करते हैं। यह नया उत्पाद बेहद सफल होगा। वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार सोने के कारोबार को संगठित करने पर जोर दे रही है। मुझे भरोसा है जितना आप इसे संगठित करेंगे, उतना ही यह ग्राहकों, जौहरियों और इसमें कारोबार करने वाले अन्य लोगों के लिए अच्छा होगा। यह उस कारोबारी माहौल के अनुरूप हो, जो हम भविष्य में देखते हैं। जेटली ने कहा कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने करीब 14 साल पहले देश में जिंस एक्सचेंजों को शुरू करने की अनुमति दी थी। उसके बाद से यह विकल्प व्यापार का पहला उत्पाद है। आज शुरू किए गए सोने के विकल्प अनुबंध के तहत एक किलोग्राम सोने के कारोबार की अनुमति होगी। इस मौके पर वित्त सचिव अशोक लवासा, प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार विवेक देवरॉय, एमसीएक्स के चेयरमैन सौरभ चंद्रा और एमसीएक्स के निदेशक और मुख्य कार्यकारी मरुगंक परांजपे मौजूद थे। एमसीएक्स देश का प्रमुख जिंस एक्सचेंज है और इसकी बाजार हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से अधिक है। सोना, मूल धातु और ऊर्जा क्षेत्र में एक्सचेंज की बड़ी मौजूदगी है।

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