पेट्रोलियम पदार्थ और रियल एस्टेट हो जीएसटी में शामिल: कांग्रेस
18 Jan 2018, 20
नई दिल्ली, 18 जनवरी (धर्म क्रान्ति)। कांग्रेस ने पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों से आम आदमी को हो रही परेशानी पर चिंता जाहिर करते हुए आज कहा कि कांग्रेस शासन वाले राज्यों के वित्त मंत्री वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) परिषद की गुरुवार को यहां होने वाली 24वीं बैठक में पेट्रोलियम पदार्थों और रियल एस्टेट को शामिल करने की पार्टी की मांग दोहराएंगे। पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने यहां कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पार्टी ने पेट्रोलियम पदार्थों और रियल एस्टेट को जीएसटी में शामिल करने की पहले भी मांग की थी और कल होने वाली बैठक में उसके शासन वाले राज्यों के वित्त मंत्री फिर इसी मांग को रखेंगे। पार्टी लगातार सरकार को जीएसटी में सुधार के लिए सुझाव देती रही है और उसके कई सुझावों पर अमल भी हुआ है लेेकिन इस बार देश में तेल की कीमतें रिकार्ड स्तर पर पहुंच गयी है। आम नागरिकों पर इसका बड़ा बोझ पड रहा है और उन्हें इससे तब ही राहत मिलेगी जब पेट्रोलियम पदार्थों को सरकार जीएसटी के दायरे में लाए। उन्होंने कहा कि जीएसटी दुनिया के 160 से ज्यादा देशों में लागू है लेकिन मोदी सरकार ने जो जीएसटी क्रियान्वित किया वह अत्यंत जटिल है जिसके कारण सकल घरेलू उत्पाद(जीडीपी) की दर गिर रही है, कर संग्रहण एवं राजस्व घट गया है और महंगाई की दर में तेजी आ गयी है। श्री बादल ने इन सबकी वजह जीएसटी के गलत क्रियान्वयन को बताया और कहा कि मोदी सरकार ने जीएसटी को लागू करने में जल्दबाजी की जिसके कारण देश का कर ढांचा चरमरा गया है। पूरा जीएसटी जटिल बन गया है और कम समय में इसमें कई बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। इस बार भी मिनरल वाटर सहित कई वस्तुओं पर जीएसटी दर कम करने का प्रस्ताव है।


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