सीना चौड़ा कर देश के लिए शहीद हो गए सारज, 2019 में हुई थी शादी
12 Oct 2021, 20
सीना चौड़ा कर देश के लिए शहीद हो गए सारज, 2019 में हुई थी शादी

शाहजहांपुर।भारत पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ जम्मू-कश्मीर का पुंछ सेक्टर में सोमवार की सुबह शाहजहांपुर के बंडा के लाल सारज सिंह ने अदम्य साहस का परिचय दिया।सारज ने अपनी सांसें चलने तक आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए आतंकियों को आगे नहीं बढ़ने दिया और देश के लिए शहीद हो गए।

सोमवार को जब सारज के शहीद होने की खबर गांव अख्तयारपुर धौकल पहुंची तो लोगों की आंखें नम तो हुई लेकिन सीना गर्व से चौड़ा हो गया।

गांव अखत्यारपुर धौकल निवासी विचित्र सिंह के तीन पुत्र सेना में हैं।छोटे बेटे 26 वर्षीय सारज सिंह 2016 में सेना की 11 सिख रेजीमेंट में भर्ती हुए थे।सारज इन दिनों 16 आरआर रेजीमेंट के तहत कश्मीर के स्वर्णकोट में तैनात थे। सारज सिंह के भाई सुखबीर सिंह ने बताया कि सेना की ओर से उनको सूचना दी गई कि कश्मीर में पुंछ के पास चामरेर फॉरेस्ट एरिया में सेना के आतंक विरोधी सर्च ऑपरेशन के दौरान यह मुठभेड़ हुई। यहां घुसपैठ कर आए आतंकी भारी मात्रा में हथियारों से लैस थे।इस मुठभेड़ के दौरान सारज सिंह के साथ तीन जवान और एक जेसीओ शहीद हो गए। सांसें चलने तक सारज सिंह ने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया और उनको आगे नहीं बढ़ने दिया। सेना ने सारज सिंह के अदम्य साहस की सराहना की है।
सारज सिंह के शहीद होने की खबर पाकर आसपास के लोगों का सारज के घर हुजूम उमड़ना शुरू हो गया।लोगों ने गर्व से कहा कि उनके क्षेत्र का लाल देश की सीमा की रक्षा करते हुए शहीद हुआ है।सुखबीर सिंह ने लोगों से कहा कि अभी उनके पिता और मां को सारज सिंह के शहीद होने के बारे में न बताएं। वह यह दुख सहन नहीं कर पाएंगे और उनको संभालना मुश्किल होगा। धीरे-धीरे सब मालूम हो जाएगा।


सारज सिंह 2016 में सेना में सेना में भर्ती हुए थे। दिसंबर 2019 में सारज की शादी हरदोई के कस्बा पिहानी निवासी रजविंदर कौर के साथ हुई थी।सारज के अभी कोई संतान नहीं है।सारज की पत्नी रजविंदर कौर रविवार को ही मायके गई हैं।ससुराल के लोगों ने पति के शहीद होने की जानकारी रजविंदर को अभी नहीं दी है। सुखबीर सिंह ने बताया कि रजविंदर कौर को अभी सूचना इसलिए नहीं दी गई है जिससे वह परेशान न हों।


सारज जुलाई में छुट्टी पर घर आए थे। छुट्टी खत्म होने के बाद ड्यूटी पर लौट गये।सारज रविवार शाम पिता विचित्र सिंह, मां परमजीत कौर, भाई सुखबीर सिंह और पत्नी रजविंदर कौर से फोन पर बात की थी और सबके हालचाल जानने के बाद कहा कि वह भी ठीक है। सारज सिंह के बात करने के समय सेना का ऑपरेशन शुरू नहीं हुआ था।

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