पाकिस्तान: 16 वर्ष में ही होगी लड़कियों की शादी, उम्र बढ़ाने की अपील खारिज

इस्लामाबाद, 05 मई (धर्म क्रान्ति)। लड़कियों की शादी की उम्र 16 से 18 वर्ष बढ़ाने वाली विधायक को गैरइस्लामिक बताते हुए पाकिस्तानी सांसदों ने सर्वसम्मति से इसे खारिज कर दिया। धार्मिक मामलों पर नेशनल असेंबली स्टैंडिंग कमेटी ने मुलाकात की और सांसद किश्वर जेहरा द्वारा पेश किए गए बाल विवाह संयम (संशोधन) विधेयक 2016 पर चर्चा की। उम्र को बढ़ाने के लिए प्रस्तावित संशोधन का न केवल मुस्लिम सांसदों ने विरोध किया बल्कि हिंदू और ईसाई सांसदों ने भी इसका विरोध किया। सांसद लाल चंद माल्ही के अनुरोध पर कमेटी के सदस्यों ने अल्पसंख्यक अधिकार के लिए राष्ट्रीय आयोग कानून 2015 पर भी चर्चा की। ईसाई सांसद तारिक क्रिस्टोफर कैसर ने सुझाया कि सभी अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधित्व के लिए आयोग के सदस्यों की संख्या बढ़ायी जानी चाहिए। फरवरी 2017 में अल्पसंख्यक हिंदुओं की शादी को नियमित करने के लिए पाकिस्तान की संसद ने हिंदू विवाह विधेयक पारित किया था। निचले सदन या नेशनल असेंबली द्वारा 26 सितंबर 2015 को ही इसपर मंजूरी दे दी गयी थी और अब इसे केवल राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की जरूरत थी।